कर वर्ष 2026-27 की दरें
बजट 2026 (वित्त अधिनियम 2026) ने व्यक्तियों की कर दरें 2025-26 जैसी ही रखी हैं। नई व्यवस्था, s.202 [115BAC], डिफ़ॉल्ट है: ₹4 लाख तक शून्य, ₹8 लाख तक 5%, ₹12 लाख तक 10%, ₹16 लाख तक 15%, ₹20 लाख तक 20%, ₹24 लाख तक 25% और उससे ऊपर 30%। पुरानी व्यवस्था में ₹2.5 लाख तक शून्य (60–79 वर्ष पर ₹3 लाख, 80+ पर ₹5 लाख), ₹5 लाख तक 5%, ₹10 लाख तक 20% और उससे ऊपर 30%। दोनों में कर और अधिभार पर 4% स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर लगता है।
₹12 लाख की छूट (रिबेट) और मार्जिनल रिलीफ
s.156 [87A] के तहत नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की कर योग्य आय वाले निवासी को ₹60,000 तक की छूट मिलती है, इसलिए कर शून्य हो जाता है। ₹75,000 की मानक कटौती जोड़ें तो ₹12.75 लाख तक के वेतन पर कोई कर नहीं। ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर, मार्जिनल रिलीफ कर को ₹12 लाख से अधिक आय तक सीमित रखता है; यह लगभग ₹12.7 लाख की कर योग्य आय पर समाप्त हो जाता है। पुरानी व्यवस्था में ₹5 लाख तक ₹12,500 की छूट है, बिना मार्जिनल रिलीफ के। यह छूट विशेष दर वाली आय, जैसे सूचीबद्ध शेयरों के पूँजीगत लाभ, पर लगने वाले कर को कम नहीं करती।
अधिभार (सरचार्ज)
₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15%, ₹2 करोड़ से ऊपर 25%, और केवल पुरानी व्यवस्था में ₹5 करोड़ से ऊपर 37% (नई व्यवस्था में अधिकतम 25%)। मार्जिनल रिलीफ हर सीमा पर अतिरिक्त कर + अधिभार को उस सीमा से ऊपर की आय तक सीमित करता है; कैलकुलेटर इसे लागू करता है।
कौन-सी कटौती किस व्यवस्था में
नई व्यवस्था में मानक कटौती और नियोक्ता का NPS योगदान (80CCD(2), मूल वेतन + DA का 14% तक) मिलता है, पर HRA, 80C, 80D, 80CCD(1B) और स्व-अधिभोग मकान के ऋण ब्याज की कटौती नहीं। "कम से कम इतनी छूट + कटौती" वह कुल राशि है (HRA छूट, गृह ऋण ब्याज और अध्याय VI-A कटौतियाँ) जिस पर पुरानी व्यवस्था का कर नई व्यवस्था के बराबर आ जाता है। कटौतियों के नाम आयकर अधिनियम 1961 की धाराओं से दिए गए हैं (1961 अधिनियम संदर्भ), क्योंकि 2025 अधिनियम में इनकी नई संख्या मैंने प्राथमिक स्रोत से हर एक के लिए पुष्ट नहीं की है।
यह पेज अंग्रेज़ी कैलकुलेटर Old vs new tax regime calculator का हिन्दी रूप है; दोनों एक ही गणना करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या वेतनभोगी हर साल व्यवस्था बदल सकता है?
हाँ। जिस व्यक्ति की व्यवसाय या पेशे से आय नहीं है, वह हर साल नियत तिथि तक दाखिल रिटर्न में व्यवस्था चुन सकता है। व्यवसाय आय होने पर नई व्यवस्था से बाहर निकलने के लिए नियत तिथि से पहले अलग फ़ॉर्म भरना होता है, और नई व्यवस्था में वापसी केवल एक बार हो सकती है।
क्या ₹12.75 लाख की आय सच में कर-मुक्त है?
नई व्यवस्था में केवल स्लैब दर वाली आय वाले वेतनभोगी निवासी के लिए हाँ: ₹12,75,000 में से ₹75,000 मानक कटौती घटाने पर ₹12 लाख बचते हैं, और s.156 [87A] की छूट ₹60,000 का कर समाप्त कर देती है। विशेष दरों वाले पूँजीगत लाभ पर कर फिर भी लगता है।
मूल वेतन + DA क्यों पूछा गया है?
नियोक्ता का NPS योगदान नई व्यवस्था में मूल वेतन + DA के 14% तक और पुरानी व्यवस्था में गैर-सरकारी नियोक्ता के लिए 10% तक ही घटाया जा सकता है। यह योगदान पहले वेतन में अनुलाभ के रूप में जुड़ता है, इसलिए इसे सकल वेतन में शामिल करें।
क्या नई व्यवस्था में आयु से फ़र्क पड़ता है?
नहीं। वरिष्ठ और अति-वरिष्ठ नागरिकों की ऊँची मूल छूट सीमा केवल पुरानी व्यवस्था में है।